एक छोटे ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग करना |
How to a Small Transformer Rewinding at Home
आवश्यक औजार -
कम्बीनेशन प्लायर 200 mm - 01 नग
स्क्रू ड्राइवर 150 mm - 01 नग
कैंची 150 mm - 01 नग
स्टील रूल 300 mm - 01 नग
बॉल पिन हेमर 0.250 Kg - 01 नग
नाइलॉन मैटल 50 mm व्यास - 01 नग
सोल्डरिंग आयरन 35 वाट, 240 वोल्ट - 01 नग
हैक्सा ब्लेड
आवश्यक सामग्री -
नाइलॉन से बना बोबिन , रेशेदार फाइबरशील 3 mm मोटी , सुपर इनैमल्ड कॉपर वायर , इंशुलेशन पेपर शीट - आवश्यकतानुसार
वार्निश - 100 ml
सोल्डरिंग वायर एवं पेस्ट
कार्य विधि -
1. ट्रांसफार्मर की नेम प्लेट पर दी सूचना को निम्न सरणी के अनुसार नोट कर लेना चाहिए |
निर्माता कम्पनी का नाम - ----------------------
क्रम संख्या -------
क्षमता .... ....... ......... VA फेज - ..............
प्राथमिक वोल्टता ------- वोल्ट आवृत्ति -----------Hz
द्वितीयक वोल्टता ------- वोल्ट प्राथमिक धारा ----Amp
2. ट्रांसफार्मर के नट वोल्ट खोल दे और अलग कर दें |
3. ट्रांसफार्मर की क्रोड को नाइलोम मैटल से हल्का हल्का ठोकें ताकि क्रोड़ पटले ढीली हो जाये | अब ट्रांसफार्मर क्रोड की बीच की पट्टलों को लोहे की पतली छण द्वारा ठोके जिसके कारन पटले एक तरफ निकल जाएँगी इसी प्रकार मैटल हेमर की सहायता से सभी पट्टलों को निकल दें और इकट्ठा कर लें, ध्यान रहे पट्टलों को निकलते समय यह मुड़ने न पाए |
सरणी में पट्टलों का अंकन करें -
क्रोड का प्रकार ---------- कुण्डली का साइज -----------
E प्रकार की क्रोड की संख्या = ------
I प्रकार की क्रोड की संख्या = ------
इंसुलेशन सहित क्रोड की ऊँचाई एवं लम्बाई ( cm में ) -----------
4. कुण्डलन को सबसे अंतिम सिरे के टर्मिनल से खोले, कुण्डलन पर लिपटे क्लॉथ को हटा दें एवं वाइंडिंग की टर्नों की संख्या गिनते हुए खोले और प्राइमरी वाइंडिंग व द्वितीयक वाइंडिंग के टर्नो को नोट कर ले |
जैसे - इंसुलेशन का प्रकार , इंसुलेशन की मोटाई सम्पूर्ण विवरण नॉट करें |
यदि ट्रांसफार्मर टेपिंग किया हुआ है तो प्राथमिक व द्वितीयक वाइंडिंग में प्रथम टेपिंग में टर्नों की संख्या, द्वितीय टेपिंग में टर्नों की संख्या को नोट कर ले |
5. वाइंडिंग खोलने के बाद बोबिन यदि टुटा हुआ है तो इसे बाजार से उचित मूल्य पर प्राप्त किया जा सकता है, यदि बोबिन नया है तो इसके साइज को नॉट कर लें |
मोटर वाइंडिंग (Motor Winding)
Winding MCQ in Hindi
1. वार्निश करने से पूर्व वाइंडिंग को गर्म करना क्यों आवश्यक है |
अ वाइंडिंग परतों के बीच इंसुलेशन में नमी को बाहर निकलने के लिए
ब इसमें वार्निश तरल होकर आसानी से कोड के सभी भागों तक पहुंच जाती है
स इंसुलेशन सामर्थ बढ़ाने के लिए
द उपरोक्त सभी
उत्तर द
2. कुण्डलं में ------- को टेस्ट करने के लिए सर्च कोइल विधि प्रयोग की जाती है -
अ अ कुण्डलन ध्रुविता ब वाइंडिंग का इंसुलेशन प्रतिरोध
स वाइंडिंग में कॉयल में लघु पथन द कुंडली में कंटीन्यूटी टेस्ट
उत्तर अ
3 वाइंडिंग की कुंडलियों के बीच फेज सेपरेटर क्यों लगाए जाते है |
अ पृथक फेज के बीच लघु पथन न हो ब फेज ग्रुप बनाने के लिए
स ग्रुप पहचान के लिए द उपरोक्त सभी
उत्तर द
4 आप वाइंडिंग में स्लिव का साइज किस आधार पर चुनते है |
अ तार के साइज पर ब जोड़ की मोटाई पर
स अ व ब दोनों द इनमे से कोई नहीं
उत्तर स
5 कुंडलन में कुंडली समूह की संख्या होती है |
अ फेजों की संख्याXपोलों की संख्या ब पोलों की संख्या / स्लॉट की संख्या
स फेज / पोल द स्लॉट / पोल / फेज
उत्तर अ
6. कुंडलियों के जो भाग स्लॉट से बाहर होते है उन्हें ओवर हेक कहते है , इन ओवर हेंक को बांधना क्यों आवश्यक है|
अ कुंडलन में मजबूती के लिए ब कुंडलन को क्रोड से दूर रखने के लिए
स अ व ब दोनों द इनमे से कोई नहीं
उत्तर स
7. वाइंडिंग में पिच फैक्टर होता है -
अ स्लॉट की संख्या/पोलों की संख्या ब वाइंडिंग पिच / पोल पिच
स फेजXपोलों की संख्या द कुल विधुत डिग्री / स्लॉट्स की संख्या
उत्तर ब
8. वाइंडिंग में कुल विधुत डिग्री होती है |
अ 360X पोल्स की संख्या /2 ब 360 X पोलों की संख्या
स 180X पोलों की संख्या /2 द 120 डिग्री
उत्त्तर अ
9. वाइंडिंग में पोल पिच =
अ स्लॉट /पोल ब फेजX पोल स स्लॉट /फेज द 360 X पिच
उत्तर अ
10 डी सी आर्मेचर वेब वाइंडिंग में वाइंडिंग पिच का मान होता है |
अ Yb - Yf ब Yb + Yf स Yb x Yf द Yb / Yf
उत्तर ब
11 जब आर्मेचर चालकों की संख्या 84 तथा पोलों की संख्या 6 हो तब पोल पिच का मान होगा |
अ 11 ब 12 स 13 द 14
उत्तर द
12 क्वॉयल पिच का अन्य नाम -
अ वाइंडिंग पिच ब क्वाइल स्पान स पोल पिच द अ व ब दोनों
उत्तर द
13 दो संलग्न कवाईलों की प्रथम एक्टिव साइडों के बीच की दूरी को कहते है |
अ बैक पिच ब वाइंडिंग पिच स फ्रंट पिच द पोल पिच
उत्तर ब
14 यदि किसी वाइंडिंग में क्वाईलों की संख्या पोल प्रति फेज एक है तो वह वाइंडिंग कहलाएगी |
अ सिंगल फेज वाइंडिंग ब डबल लेयर वाइंडिंग स कन्सेन्ट्रिक वाइंडिंग द डिस्ट्रिब्यूटेड वाइंडिंग
उत्तर ब
15 ग्राउलर का उपयोग किया जाता है |
अ मोटर का इंसुलेशन प्रतिरोध चेक करने के लिए ब बैलेंस टेस्ट करने के लिए
स शार्ट सर्किट एवं ओपन सर्किट टेस्ट करने के लिए स उपरोक्त सभी
उत्तर ब
16 डी सी मशीन की आर्मेचर वाइंडिंग में उत्पन्न विधुत वाहक बल की प्रवति है |
अ प्रतिरोधी प्रवृति ब प्रत्यावर्ती प्रवृति स घूर्णन प्रवृति द ब व स दोनों
उत्तर ब
17 कम्यूटेटर सेगमेंट पर एक कवाईल के दोनो सिरों को जोड़ने के बीच की दूरी को कहते है |
अ कम्यूटेटर पिच ब बैक पिच स फ्रंट पिच द इनमे से कोई नहीं
उत्तर अ
18 खुली कवाईल वाइंडिंग उपयोग में ली जाती है |
अ डी सी मशीन में ब A.C. मशीनों में स ट्रांसफार्मर में द अ व स दोनों
उत्तर ब
19 A.C. मशीनों में आर्मेचरे वाइंडिंग कहाँ लपेटी जाती है |
अ स्टेटर पर बने आधे ढके स्लॉट पर ब स्टेटर पर बने खुले स्लोटो पर
स स्टेटर पर बने स्लॉटों पर द अ व ब दोनों
उत्तर द
20 वितरण वाइंडिंग में सभी कवाईल के लिए सामान होती है |
अ पोल पिच ब लम्बाई स चौड़ाई द मोटाई
उत्तर अ

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